आज हम बात करने जा रहे हैं पानी के सबसे मुख्य श्रोत हमारे नदियों के बारे में. हम बात करेंगे भारत के 10 सबसे बड़ी नदियों के बारे में. Top 10 Longest Rivers in India.

दोस्तों जल ही जीवन है. पृथ्वी पे रह रहे सभी प्राणी, चाहे वो हम इंसान हों या जानवर या फिर हमारे आस पास देखे जा सकने वाले हरे भरे पेड़ हों, सभी जीवों के जीवित रहने के लिए मूलभूत आवश्यकताओं (most basic requirements) में से एक है.

क्या आपको ये पता है कि पृथ्वी का 76% भाग पानी से या फिर पानी के ही दुसरे रूप (form) जैसे बर्फ (snow) से ढका हुआ है. यहाँ तक कि अगर हम इंसानों की बात करें तो हमारे शरीर का भी 76% भाग पानी से ही बना हुआ है.

तो आपने ये तो समझ लिया होगा कि पानी हमारे जीवन में कितना important role play करता है और आपको अब हल्का फुल्का idea भी लग ही गया होगा कि हमारा आज का topic, पानी से ही related रहने वाला है.

अगर science कि माने तो पृथ्वी पे जीवन करोडो साल से है. और यह जीवन सबसे पहले धरती पे मौजूद पानी में ही विकसित हुआ था. पानी का महत्त्व हम इसी बात से लगा सकते हैं कि दुनिया के लगभग सभी doctors हमें रोज 3-4 litre पानी पीने को कहते हैं.

तो आइये फिर जानना शुरू करते हैं पीने योग्य पानी के इसी बड़े श्रोत यानी हमारे नदियों के बारे में.

1. गंगा (Ganga)

ganga

इस list में पहले number पे कुल 2525 Km कि लम्बाई के साथ गंगा (Ganga) नदी आती है. गंगा नदी को भारत की सबसे पवित्र नदी मानी जाती है. दोस्तों इस नदी के जल में कई औषधीय गुण भी पाए जाते हैं. इस नदी की शुरुवात गंगोत्री ग्लेशियर है और उस जगह को जहाँ से गंगा नदी निकलती है उसे गोमुख (Gomukh) कहते हैं, जोकि उत्तराखंड में है. यह नदी India के कुछ सबसे बड़े शहरों जैसे- ऋषिकेश, हरिद्वार, कानपूर, प्रयागराज, वाराणसी, पटना और कोलकाता आदि शहरों से होकर बहती है. गंगा नदी भारत के पांच राज्यों उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, और पश्चिम बंगाल से होते हुए बंगाल कि खाड़ी में जाके मिलती है.

गंगा नदी की मुख्य सहायक नदियों अलकनंदा, रामगंगा , यमुना , गोमती , घाघरा , गंडक , कोसी और सोन है, जिनमे घाघरा सबसे बड़ी सहायक नदी है.

गंगा नदी के बढ़ते प्रदुषण स्तर को देखते हुए 10 July 2020 को प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में नमामि गंगे प्रोग्राम को लांच किया गया जिसके लिए 2037 करोड़ रूपए जारी किये गए.

2. गोदावरी (Godavari)

godavari

1465 Km की कुल लम्बाई के साथ गोदावरी नदी इस list में दुसरे नंबर पे आती है. गोदावरी नदी का उद्गम स्थान महाराष्ट्र के त्रियंबकेश्वर (Trimbakeshwar) में स्थित ब्रह्मगिरि पहाड़ियाँ हैं. गोदावरी नदी महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा होते हुए फाइनली बंगाल की खाड़ी में जाके मिलती है. दोस्तों गोदावरी को वृद्ध गंगा भी बुलाया जाता है.

पूर्ण, प्रन्हिता, वती, सबरी, प्रवरा, मंजीरा, मनेर आदि नदियाँ गोदावरी नदी कि सहायक नदी हैं.

गोदावरी नदी के तट पे स्थित भारत के कुछ प्रमुख शहर जैसे त्रियंबकेश्वर, नाशिक, पैथम, नांदेड और भद्राचलम हैं.  

3. यमुना (Yamuna)

yamuna

1376 Km की कुल लम्बाई के साथ यमुना नदी भारत में सबसे लम्बी नदियों की इस सुची में तीसरे नंबर पे है. यमुना नदी, घाघरा के बाद गंगा नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी है. यमुना नदी का origin यमुनोत्री (Yamunotri) है जोकि उत्तराखंड में स्थित है. यमुनोत्री के पास सूर्यकुंड नाम का एक गर्म पानी का कुंड है. लोगों में ऐसी मान्यता है कि यह कुंड सूर्य देवता को समर्पित है. और तो और यहाँ के 88°C के तापमान वाले पानी में यहाँ आये हुए श्रद्धालु चावल और अन्य चीजे पकाकर वहाँ स्थित मंदिर में प्रसाद के रूप में चढाते हैं.

अब ये बात तो शायद आप सबको पता ही होगी कि विश्व के सात अजूबों में शामिल ताज महल (Taj Mahal) भी यमुना नदी के तट पे ही बना हुआ है.  यमुना नदी प्रयागराज में आकर गंगा नदी से मिल जाती है. और उनके आपस में मिलने की इस स्थान को त्रिवेणी संगम कहते हैं. और यहाँ पे प्रत्येक 12 वर्षों में कुम्भ मेला का आयोजन होता है.

यमुना नदी से लगे हुए भारत के कुछ प्रमुख शहर यमुना नगर, दिल्ली, फरीदाबाद, मथुरा, आगरा, इटावा, प्रयागराजआदि है. हिण्डोन, चम्बल, बेतवा , केन यमुना कि प्रमुख सहायक नदिया हैं.

4. नर्मदा (Narmada)

Narmada Cable Bridge, Bharuch, Gujarat, India

नर्मदा नदी 1312 KM कि लम्बाई के साथ इंडिया कि चौथी सबसे बड़ी नदी है. Narmada नदी मध्य प्रदेश के अन्नुपुर district में Amarkantak के पास स्थित नर्मदा कुंड से निकलती होती है. Narmada नदी को ‘Life Line Of Madhya Pradesh and Gujarat” भी कहा जाता है. गोदावरी और कृष्णा नदी के बाद पूरी तरह से भारत बे बहने वाली नदियों में narmada सबसे बड़ी नदी है. यह नदी मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, एवं गुजरात से होक गुजरते हुए खम्भात कि खाड़ी में जाके मिलती है.जब हम भारत कि 5 पवित्र नदियों कि बात करते हैं तो उस सुची में गंगा, गोदावरी ,यमुना और कावेरी के साथ साथ नर्मदा नदी का भी नाम लिया जाता है.

नर्मदा नदी भारत के प्रमुख शहरों जिसमे जबलपुर, डिंडोरी, नर्सिंघ्पुर, मंडला,भरूच आते हैं से होते हुए गुजरती है. प्राचीन हिंदू शास्त्र में नर्मदा नदी को भगवान् शिव से जोड़ा जाता है.

5. कृष्णा (Krishna)

1300 Km की कुल लम्बाई के साथ कृष्णा नदी, जिसे की कृष्णा वेनी भी कहा जाता है, भारत की पाँचवी सबसे बड़ी नदी है. महाराष्ट्र, कर्णाटक, तेलंगाना, और आंध्र प्रदेश के किसानो के लिए यह नदी किसी वरदान से कम नहीं है.

कृष्णा नदी का उद्गम स्थान, पश्चिमी घाट में महाबलेश्वर के निकट है. ऐसी मान्यता है की Old Mahabaleshwar में स्थित कृष्णाबाई मंदिर ही कृष्णा नदी का उद्गम स्थान है. आप लोगों कि जानकारी के लिए बता दूं कि कृष्णाबाई मंदिर एक प्राचीन शिव मंदिर है जहाँ पे बने एक गाय के मुख से एक जलधारा निकलती है. और ऐसा माना जाता है कि यही धरा आगे चलकर कृष्णा नदी का रूप धारण कर लेती है.

पश्चिमी घाट पे ही स्थित 4500 साल पुराने पंचगंगा मंदिर से वेन्ना, कोयना, गायत्री, सावित्री तथा कृष्णा नदियाँ निकलती हैं. और जिस जगह से ये पांचो नदियाँ निकलती हैं उस जगह को गोमुख कहा जाता है और जहाँ पे वेन्ना, कोयना, तरली, उरमोदी और कृष्णा नदियाँ मिलती है उस जगह को ‘प्रीति संगम’ कहते हैं.

कृष्णा नदी कि सहायक नदियाँ वेन्ना, कोयना, दूधगंगा, भीमा, घाटप्रभा, तुंगभद्रा और मुसी हैं जिसमे से तुंगभद्र और भीम नदी दो प्रमुखतम सहायक नदियाँ हैं.

कृष्णा नदी पे बने प्रमुख बाँध जैसे – कर्नाटक में अलमत्ती डैम, तेलंगाना में श्रीसैलम डैम और विजयवाड़ा में प्रकाशम् बरराज हैं.

कृष्णा नदी पे स्थित दो प्रमुख शहर सांगली जिसे Turmeric City Of Maharashtra भी कहा जाता है और विजयवाड़ा है. महाराष्ट्र से शुरू हुई कृष्णा नदी कि यह यात्रा बंगाल कि खाड़ी में जाके समाप्त होती है. 

6. सिंधु (Indus)

अगर आपने इतिहास पढ़ी होगी तो आपने Indus Valley Civilization के बारे में जरूर सुना होगा. अब जिस नदी कि बात करने जा रहे हैं ये वो ही सिंधु नदी (Indus River) है जिसके पास Indus Valley Civilization फली फूली थी. वैसे तो दोस्तों भारत के बटवारे के बाद इस नदी का बहुत बड़ा भाग अब पकिस्तान में है और आज के समय में ये पाकिस्तान कि सबसे बड़ी नदी है. लेकिन अभी भी 1114 Km की लम्बाई के साथ Indus River या सिन्धु नदी भारत कि ६ठी सबसे बड़ी नदी है.

यह नदी हिमालय के गोद में स्थित मानसरोवर झील से निकलके भारत के लदाख, गिलगिट और बाल्टिस्तान होते हुए पाकिस्तान में enter करती है. Indus River कि मुख्य सहायक नदियों में से जांस्कर, सोन, झेलम, चेनाब, रावी, सतलज और बीस प्रमुख नदियाँ हैं. दोस्तों इस नदी के पास पड़ने वाले भारत के प्रमुख शहर लेह और स्कार्दू हैं.

सिन्धु नदी का जिक्र भारत के सबसे प्राचीन पुस्तक ऋग्वेद में भी किया गया है. पंजाब को पांच नदियों का राज्य कहा जाता है जो कि इसके नाम में ही छुपा हुआ है. पंज+आब= पंजाब पंज मतलब पांच और आब मतलब जलश्रोत दोस्तों इन पांच नदियों में सिन्धु नदी का भी नाम झेलम, चेनाब, रवि और ब्यास नदी के साथ आता है.

यह नदी अपनी यात्रा पूरी करके अरब महासागर में जाके मिल जाती है. 

7. ब्रह्मपुत्र (Brahmputra)

brahmputra - Yarlung Tsangpo

भारत में अपने कुल 916 Km के सफ़र के साथ ब्रह्मपुत्र (Brahmaputra), भारत में सबसे बड़ी नदियों कि इस सुची में ७वे नंबर पे आती है. इस नदी का नाम संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है जो कि क्रमशः ब्रह्मा और पुत्र है अर्थात ब्रह्मा के पुत्र. चूँकि ये नदी भारत के साथ ही साथ तिब्बत, बांग्लादेश, और चाइना में भी प्रवाहित होती है तो उन देशों के भाषा के हिसाब से ब्रह्मपुत्र का नाम भी बदलता रहता है. दुसरे देशों कि बात छोडिये इस नदी का नाम भारत के कई राज्यों में भी वह के स्थानीय भाषा के हिसाब से बदल जाती है. जहां इसे तिब्बत और चाइना में Yarlung Psangpo और बांग्लादेश में जमुना के नाम से पुकारी जाती है.

Brahmaputra नदी का उद्गम स्थान कैलाश पर्वत के पास मानसरोवर झील का इलाका है. यह नदी भारत के अरुणाचल प्रदेश तथा असम राज्यों से होते हुए बांग्लादेश में प्रवेश करती है जहाँ ये पद्मा (गंगा) से और आगे चलके मेघना नदी से मिलते हुए अपना आखिरी सफ़र बंगाल कि खाड़ी में मिलकर ख़तम करती है.

ब्रह्मपुत्र नदी कि मुख्य सहायक नदियाँ क्रमशः दिबांग, लोहित, डांसिरि, कैलंग, मानस और तीस्ता नदियाँ हैं.

8. महानदी (Mahanadi)

890 Km की कुल लम्बाई के साथ ओडिशा की ‘lifeline’, महानदी (Mahanadi) इस list में ८वें नंबर पे आती है. विश्वविख्यात Hirakud Dam इसी नदी पे बना हुआ है. यह नदी भारत के ओडिशा और छत्तीसगढ़ राज्यों से होके बहती है.

जैसा कि हम सब जानते हैं कि हिन्दू मान्यताओं के हिसाब से संपूर्ण कालक्रम को चार युगों में बात गया है जोकि क्रमशः सतयुग, द्वापर, त्रेता और अभी वर्तमान में चल रहे काल खंड को कलियुग कहते हैं. आप लोग सोच रहे होंगे कि ये नदियों के बारे में बात हो रही थी, तो भला यहाँ पे सतयुग और कलियुग की क्यूँ बात होने लगी? घबराइये नहीं अभी आपका यह doubt भी clear हो जाएगा.

महानदी का उल्लेख पुराणों और वेदों में भी होता आया है. सतयुग में इस नदी को कनाक्नान्दिनी, द्वापर में चित्रोत्पला, त्रेता में नीलोत्पला और अब कलियुग में हम इसे महानदी कहके बुला रहे हैं. इस बात से ये पता चलता है कि हमारी संस्कृति अति प्राचीन काल से ही प्रकृति के काफी करीब रही है और आज भी हम लोग नदियों को अपनी माँ तुल्य सम्मान देते हैं. दोस्तों महानदी संबलपुर, कटक, सोनपुर, रायपुर, बिलाशपुर आदि शहरों से होके गुजरती है.

9. कावेरी (Kaveri)

800 Km की कुल लम्बाई के साथ कावेरी नदी भारत कि १० सबसे बड़ी नदियों कि सुची में ९वें नंबर पे तथा भारत के दक्षिणी भाग में बहने वाली सबसे बड़ी नदियों में गोदावरी और कृष्णा के बाद तीसरे नंबर पे आती है. कावेरी नदी तमिलनाडु राज्य कि सबसे बड़ी नदी है. और ये नदी इस राज्य को North और South दो भागों में बाटती है. भारत के दक्षिणी राज्यों में रहने वाले लोगों के लिए कावेरी नदी अत्यंत पवित्र स्थान रखती है. वे लोग इस नदी को देवी कवेराम्मा के रूप में पूजते हैं. कावेरी, भारत की सात सबसे पवित्र नदियों में से एक है. कावेरी नदी की सहायक नदियाँ हरंगी, हेमावती, काबिनी, लक्ष्मण तीर्थ और अर्कवती हैं.

भारत के पश्चिमी घाट के तालकावेरी नामक स्थान से निकलने वाली कावेरी नदी भारत के तीन राज्यों जो कि क्रमशः तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल तथा एक केंद्र शाषित राज्य पुदुचेर्री से होके बहती हुई अपनी यात्रा का अंत बंगाल कि खाड़ी में मिलके करती है.

कावेरी नदी के तट पे भारत के कुछ प्रमुख शहर बसे हुए हैं जिनका नाम तमिलनाडु राज्य के दो प्रमुख शहर तिरुचिरापल्ली और इरोड हैं.

10. ताप्ती (Tapti)

इस list में आने वाली आखिरी नदी 724 Km कि कुल लम्बाई के साथ मध्य भारत से निकलने वाली ताप्ती नदी है. ताप्ती नदी कि खासियत ये है कि ये कि ये नर्मदा और गोदावरी नदी के बाद भारत कि तीसरी ऐसी नदी है जोकि भारत के पूर्व भाग से पश्चिम भाग कि और बहती है. ताप्ती नदी का उद्गम स्थल Madhya Pradesh के सतपुरा पर्वत श्रंखला में स्थित बेतुल जिले के मुल्तई नामक स्थान है. ताप्ती नदी भारत के तीन राज्य जोकि क्रमशः मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं गुजरात हैं से होके गुजरती हुई भारत के पश्चिम में स्थित खम्भात की खाड़ी में जाके गिरती है.

ऐसी मान्यता है कि ताप्ती नदी का नाम भगवान् सूर्य एवं देवी छाया की पुत्री तपती के ऊपर रखा गया है एवं वे भगवान् शनि, भद्र, यमुना एवं यम की बहन हैं.

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