नमस्कार दोस्तों! आप सबका स्वागत है एक और रोचक Post पे. आज हम बात करने जा रहे हैं भारतीय रेलवे (Indian Railway) से जुडी 10 हैरतंगेज कर देने वाले तथ्यों के बारे में. और मेरा मानना है कि इन 10 interesting facts को जानने के बाद आपको भारतीय रेलवे के बारे में कुछ और जानने कि जरुरत भी नहीं पड़ेगी.

तो आइये दोस्तों बिना समय गवाए शुरू करते हैं तथ्यों कि एक ऐसी रेलगाड़ी को जो आप चाहेंगे कि कभी भी न रुके!

1. पहली ट्रेन

दोस्तों ट्रेन दो तरह कि होती हैं. एक वो जिसमे हम इंसान बैठ के यात्रा करते हैं और एक वो जिससे सामान देश के एक भाग से दुसरे भाग तक ले जाए जाते हैं. और जब हम बात करते हैं भारत में चलने वाली पहली ट्रेन के बारे में तो अधिकांश लोगों का कहना होता है कि भारत की पहली ट्रेन मुंबई से ठाणे के बीच १६ अप्रैल सन १८५३ को चली थी. लेकिन अगर सही तरीके से देखा जाए तो मुंबई से थाणे के बीच चलने वाली ट्रेन भारत कि पहली यात्री ट्रेन थी. और जिस ट्रेन ने भारत में पहली बार दौड़ लगाई थी वो एक मालगाड़ी थी. भारत में चलने वाली पहली ट्रेन The Red Hill Railway थी जो कि एक Goods Train (माल गाडी) थी और जो मद्रास के Red Hill से Chintadripet Bridge के बीच सन १८३७ में सड़क निर्माण कार्य के लिए laterite stone लेके गयी थी.

दोस्तों अब बात करते हैं भारत में चलने वाली पहली passenger train के बारे में जो कि Mumbai जिसका पहले नाम Bombay था, के bori-bunder और Thane के बीच 16 April सन 1853 में चली थी. इस 14 डिब्बे वाले train को चलाने के लिए तीन स्टीम locomotives जिनका नाम क्रमशः Sahib, Sindh और Sultan था, की जरुरत पड़ी थी. दोस्तों ये ट्रेन अपने 34 km के सफ़र में 400 लोगों को लेके चली थी.

2. सबसे बड़ी रेलवे नेटवर्क

१८५३ में 34 km के छोटे से सफ़र से शुरुआत करने के बाद आज सन २०२० में भारतीय रेलवे दुनिया के १० सबसे बड़े railway network वाले देशों कि सुची में तीसरे नंबर पे है. जी हाँ दोस्तों भारत, अमेरिका और चाइना के बाद इस list में कुल ६८,४४३ Km लम्बी रेलवे network के साथ तीसरे नंबर पे आता है. आप की जानकारी के लिए बता दूं कि हमें अमेरिका और चाइना को पीछे छोड़ने के लिए अभी बहुत लम्बा सफ़र तय करना है. अमेरिका १,५०,४६२ Km के साथ पहले और चाइना ८५,६२६ Km के साथ दुसरे स्थान पे है. दोस्तों पृथ्वी के भूमध्य रेखा जिसे अंग्रेजी में Equator कहते हैं का कुल Diameter यानी कि व्यास १२,७४२ Km है. अब आप खुद ही अंदाजा लगा सकते है कि भारतीय रेलवे कितनी बड़ी है.

3. रोजगार

दोस्तों आज जब दुनिया में बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या बनके उभरी है ऐसे समय में ये मानना बहुत ही मुश्किल होता है कि १५ लाख से भी जादा लोगों को रोजगार देके भारतीय रेलवे विश्व के 10 सबसे बड़े Employers यानी नियोक्ताओं कि सुची में ६ठवे स्थान पे आता है.

4. सबसे बड़ा रेलवे प्लेटफार्म

विश्व का सबसे बड़ा  रेलवे प्लेटफार्म भारत में ही है. जी हाँ दोस्तों सही सुना आपने भारत के राज्य उत्तर प्रदेश में स्थित गोरखपूर (Gorakhpur) रेलवे स्टेशन का प्लेटफार्म १३६६.३३ मीटर कि लम्बाई के साथ  विश्व का सबसे लम्बा प्लेटफार्म है. बात यहीं पे ख़तम नहीं होती है दोस्तों; अगर हम विश्व के १० सबसे लम्बे प्लेटफॉर्म्स कि बात करें तो भारत के तीन railway प्लेटफार्म  इस सुची में आते हैं. पहले नंबर पे आने वाले गोरखपुर जंक्शन कि तो बात हमने कर ही ली. अब बात करते हैं दुसरे और तीसरे नंबर पे आने वाले जंक्शन की. तो आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि दुसरे नंबर पे ११८०.५ मीटर कि लम्बाई के साथ केरला के कोल्लम जंक्शन का प्लेटफार्म तथा १०७२.५ मीटर लम्बाई के साथ पश्चिमी बंगाल के खरगपुर जंक्शन  का प्लेटफार्म आता है.

P.S. छत्तीसगढ़ का बिलासपुर रेलवे स्टेशन ८०२ मीटर लम्बाई के प्लेटफार्म के साथ ६ th और उत्तर प्रदेश का झांसी ७७० मीटर लम्बाई के प्लेटफार्म के साथ ९ th पोजीशन पे आते हैं .

5. वन्दे भारत एक्सप्रेस

अब बात करते है नंबर पांच की.

दोस्तों भारत कि सबसे तेज चलने वाली ट्रेन का नाम वन्दे भारत एक्सप्रेस है जिसकी अधिकतम गति १८० Km/Hr है. ये ट्रेन उत्तर प्रदेश के वाराणसी से भारत कि राजधानी दिल्ली के बीच के ७६२ Km के सफ़र को मात्र ८ घंटे में तय करती है. दोस्तों वन्दे भारत एक्सप्रेस जिसे कि ट्रेन-18 (Train-18) भी कहते हैं, ये मेक इन इंडिया के initiative के तेहत बनने वाली पहली ट्रेन है. Indian Railway के इस ट्रेन को भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने १५ फ़रवरी २०१९ को हरी झंडी दिखा के रवाना किया था.

6. सबसे धीमी ट्रेन

अब जब भारत के सबसे तेज चलने वाली ट्रेन कि बात हो रही है तो क्यूँ न भारत के सबसे धीमे चलने वाली ट्रेन के बारे में भी बात कर लें.

दोस्तों भारत कि सबसे धीमे चलने वाली ट्रेन Neelgiri Express है, जिसे ब्लू माउंटेन एक्सप्रेस (Blue Mountain Express) के नाम से जाना जाता है इस ट्रेन कि औसत रफ़्तार मात्र १० Km/Hr है और ये ट्रेन भारत के दक्षिण में स्थित तमिलनाडु (Tamilnadu) राज्य के चेन्नई सेंट्रल और मेत्तुपल्लयम के बीच चलने वाली नाईट एक्सप्रेस ट्रेन है. 

7. विवेक एक्सप्रेस – सबसे लम्बी रूट की ट्रेन

बात हो Indian Railway की और विवेक एक्सप्रेस कि बात न हो ऐसा भला कैसे हो सकता है.

आपकी जानकारी के लिए बता दूं दोस्तों विवेक एक्सप्रेस पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में सबसे लम्बे रूट पे चलने वाली ट्रेन है. ये ट्रेन असम के डिब्रूगढ़ से तमिलनाडु के कन्याकुमारी तक कुल ४२३४ Km कि दूरी ७९ घंटे में  तय करती है. दोस्तों ये ट्रेन कुल ५७ stoppages पे रूकती है.

तो बताइये दोस्तों, कौन-कौन इस ट्रेन की यात्रा कोरोना ख़तम होने के बाद करने वाला है. 

8. कोंच-एट शटल – सबसे छोटी रूट की ट्रेन

दोस्तों हमने सबसे लम्बे रूट पे चलने वाली भारतीय ट्रेन कि बात कर ली तो आइये अब बात करते है सबसे छोटे रूट पे दौड़ने वाली भारतीय ट्रेन के बारे में.

तो आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि मात्र ३ डिब्बों वाली Konch-Ait shuttle, जो कि १३.६८ Km का सफ़र ३५ मिनट में  तय करती है. भारत के सबसे छोटे रेलवे ट्रैक पे चलने वाली ट्रेन है. ये ट्रेन उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड में चलती है. इससे जुडी एक और रोचक बात यह है कि , इसका किराया केवल 5 Rs है.

9. Trivandrum-Nizamuddin Rajdhani Express

दोस्तों अगर आपको लम्बी दूरी कि यात्रा ट्रेन से करना अच्छा लगता है, लेकिन ट्रेन का बार-बार रुकना आपको कत्तई पसंद नहीं. तो आपको Trivandrum-Nizamuddin Rajdhani Ex में यात्रा करना बहुत ही पसंद आएगा. ये ट्रेन हज़रत निजामुद्दीन से त्रिवेंदृम तक चलती है. और ये ट्रेन कोटा जंक्शन और वड़ोदरा जंक्शन के ५२८ Km के सफ़र को बिना किसी stoppage के तय करती है.

10. प्रतिदिन 2.3 करोड़ यात्री

दोस्तों भारतीय रेलवे प्रत्येक दिन २.३ करोड़ यात्रिओं को लेकर चलती है जो कि कई देशों जैसे Srilanka, New Zealand, Sweden, Austria, Singapore, Norway आदि देशों कि कुल आबादी से भी ज्यादा है.

तो फिर दोस्तों कैसा लगा आपको ये पोस्ट ? कृपया comment करके बताएं इनमें से कौन सी जानकारी आपको बिलकुल पता नहीं थीं।

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